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हम हैं राही प्यार के हम से कुछ न बोलिए
हम हैं राही प्यार के हम से कुछ न बोलिए
जो भी प्यार से मिला हम उसी के हो लिए
हम हैं राही प्यार के हम से कुछ न बोलिए
दर्द भी हमें क़ुबूल चैन भी हमें क़ुबूल
हम ने हर तरह के फूल हार में पिरो लिए
जो भी प्यार से मिला हम उसी के हो लिए
धूप थी नसीब में धूप में लिया है दम
चाँदनी मिली तो हम चाँदनी में सो लिए
जो भी प्यार से मिला हम उसी के हो लिए
दिल का आसरा लिए हम तो बस यूँही जिए
इक क़दम पे हँस लिए इक क़दम पे रो लिए
जो भी प्यार से मिला हम उसी के हो लिए
राह में पड़े हैं हम कब से आप कीकसम
देखिए तो कम से कम बोलिए न बोलिए
जो भी प्यार से मिला हम उसी के हो लिए
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FACEBOOK : Hindi Kavita Sangrah

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